लिंगाष्टकम स्तोत्र शिवलिंग की स्तुति कर शिवजी को प्रसन्न करने का उत्तम उपाय है, जो कोई व्यक्ति आस्था तथा श्रृद्धा सहित शिवजी के लिंगाष्टकम स्तोत्रम्का पाठ करेगा उसकी सभी मनोकामना तथा इच्छाओं की पूर्ति स्वयं शिव शंकर करते हैं।भगवान भोलेनाथ की इस स्तुति में कुल आठ श्लोक हैं। इस अष्टपदी श्लोक के माध्यम से व्यक्ति भगवान शिव की आराधना पर मनचाहा वरदान का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। कहते हैं कि सावन जो कोई लिंगाष्टकम स्तोत्र का केवल श्रवण मात्र करता है उसके सारे कष्ट क्षण मात्र में नष्ट हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस स्तोत्र की महिमा तीनों लोकों में व्याप्त है।